दिल्ली में रहने वाले यूपी-बिहार के वोटरों को मायावती ने याद दिलाया कोरोना काल, यह की अपील
मायावती ने दिल्ली में नौकरी कर रहे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को कोरोना काल याद दिलाया है। मायावती ने अपील करते हुए बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान करते समय वे याद रखें कि कोरोना काल में उनके साथ किस तरह सौतेला व्यवहार किया गया था।
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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने दिल्ली में नौकरी कर रहे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को कोरोना काल याद दिलाया है। मायावती ने अपील करते हुए बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान करते समय वे याद रखें कि ''कोरोना काल में उनके साथ किस तरह सौतेला व्यवहार किया गया था।'' मायावती ने यह भी दावा किया कि दिल्ली के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी शानदार प्रदर्शन करेगी और ''अगर चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुए तो परिणाम चौंकाने वाले होंगे।''
मायावती ने अपने 69वें जन्मदिन के मौके पर लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया जिसमें उन्होंने स्वयं रचित एक किताब का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए बसपा की पूरी तैयारी है और पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है। मुझे पूरी उम्मीद है कि अगर ये चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुए तो हमारी पार्टी पहले से बेहतर परिणााम लाएगी।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा आम आदमी पार्टी (आप), पहले की तरह इस बार भी कई लुभावने वादे तथा गारंटी की घोषणा कर रही हैं। लेकिन, आप सब जानते हैं कि कई बार यहां सत्ता में रहने के बावजूद इन पार्टियों ने अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया।
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया, ''रोटी-रोजी के लिए बड़ी संख्या में दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे नजदीकी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश तथा बिहार के लोगों के साथ इन सभी दलों की सरकारों ने हर स्तर पर सौतेला व्यवहार किया है। आप (उत्तर प्रदेश, बिहार के लोग) अच्छे से जानते हैं कि कोरोना काल में तो आपके साथ काफी बुरा बर्ताव किया गया था।''
मायावती ने अपील करते हुए कहा कि इसलिये दिल्ली के विधानसभा चुनाव में सभी सोच-समझ कर अपना वोट दें। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक दूसरे को जनविरोधी साबित करने के लिए आए दिन की जा रही नफरती बयानबाजी और पोस्टरबाजी पर निर्वाचन आयोग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) पर बसपा प्रमुख ने कहा, ''भाजपा के विकल्प के रूप में बसपा एकमात्र पार्टी है। 'इंडिया' का उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में कोई भविष्य नहीं है। ये सभी पार्टियां स्वार्थ के लिए एकजुट हुई हैं, जनता के लिए नहीं।''
मायावती ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति(एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों को भी आरक्षण एवं अन्य कानूनी अधिकारों का अभी तक पूरा लाभ नहीं दिया जा रहा है। और अब कांग्रेस पार्टी तो सही समय आने पर, इनके आरक्षण को ही, पूरे तौर से खत्म करने में लगी है। जिसका यह एलान भी कर चुके हैं।
कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना
उन्होंने बिना किसी का नाम लिये कहा कि ऐसे में कदम-कदम पर कांग्रेसी नेताओं द्वारा संविधान को दिखाना व नीले कपड़े आदि पहनकर किस्म-किस्म की नाटकबाजी करना यह सब यहां दलितों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के साथ इनका छलावा व ढोंग नहीं है तो और क्या है? इस पर भी इन लोगों को जरूर ध्यान देना है।
बसपा नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार से जातिवादी सोच व द्वेष के तहत चलकर कांग्रेस पार्टी की सरकारों में बाबा साहेब के अनुयायियों की हर स्तर पर अवहेलना की गयी है, इस मामले में भाजपा व उनकी सरकारें भी कोई पीछे नहीं हैं बल्कि जिस प्रकार से इस पार्टी के वरिष्ठ मंत्री ने संसद में बाबा साहेब का अपमान किया है और उसका अभी तक इन्होंने पश्चाताप नहीं किया है, तो उससे अब इन वर्गों में इस पार्टी के प्रति रोष व आक्रोश कभी भी कम होने वाला नहीं है चाहे इनके वोटों के लिए यह पार्टी आय दिन कितने भी अभियान क्यों ना चलाती रहे।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से बसपा के विशेषकर दलित वोट को कमजोर करने व उसे तोड़ने के लिए अब कांग्रेस, भाजपा, सपा व अन्य जातिवादी पार्टियां भी आय दिन किस्म-किस्म के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि अनेकों हथकण्डे इस्तेमाल कर रही हैं जिनसे बसपा के कार्यकर्ताओं को जरूर सावधान रहना चाहिए।