पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए 22 भारतीय मछुआरे, अब भी कैद हैं 200 से ज्यादा भारतीय
- पाकिस्तान की जेल से 22 भारतीय मछुआरों को रिहा किया गया है। वे जल्द ही भारत पहुंच सकते हैं। पाकिस्तान में अब भी 250 से ज्यादा भारतीय कैदी बंद हैं।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने कराची की मलीर जेल से 22 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया है और उन्हें शनिवार को भारत को सौंपे जाने की संभावना है। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने मलीर जेल के अधीक्षक अरशद शाह के हवाले से बताया कि मछुआरों को उनकी सजा पूरी होने के बाद शुक्रवार को जेल से रिहा कर दिया गया। ‘ईदी फाउंडेशन’ के अध्यक्ष फैसल ईदी ने मछुआरों के लिए लाहौर तक परिवहन की व्यवस्था की, जहां से वे भारत वापसी की यात्रा जारी रखेंगे।
उन्होंने लंबी अवधि तक जेल में रहने के दौरान मछुआरों के परिवारों की पीड़ा को उजागर किया तथा सजा पूरी होने के बाद उनकी तत्काल रिहाई तथा शीघ्र वापसी का आह्वान किया। पाकिस्तानी अधिकारी भारतीय मछुआरों को वाघा सीमा पर पहुंचाते हैं, जहां भारतीय अधिकारी आधिकारिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनकी वापसी की व्यवस्था करते हैं।
दरअसल, दोनों देशों के मछुआरे मछली पकड़ते हुए समुद्री सीमाओं को पार कर एक-दूसरे के जलक्षेत्र में घुस जाते हैं जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। दोनों देशों के बीच एक जनवरी को आदान-प्रदान की गई कैदियों की सूची के अनुसार, पाकिस्तान में 266 भारतीय कैदी हैं जिनमें 217 मछुआरे हैं।
भारत द्वारा साझा की गई सूची के अनुसार, भारतीय जेलों में कुल 462 पाकिस्तानी कैदी हैं जिनमें 81 मछुआरे हैं। तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार से श्रीलंका में भी कैद मछुआरों को छुड़ाने के लिए कदम उठाने की मांग की है। स्टालिन ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा मछुआरों की गिरफ्तारी की घटनाओं में तेजी से वृद्धि पर गुरुवार को गहरी चिंता व्यक्त की और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को एक पत्र लिखकर श्रीलंकाई अधिकारियों से सभी गिरफ्तार मछुआरों और उनकी नौकाओं की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी राजनयिक उपाय करने और इस मुद्दे के स्थायी कूटनीतिक समाधान के लिए संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक बुलाने की मांग की है।